सड़कों पर नमाज़ को लेकर घमासान के बीच देहरादून में VIP मूवमेंट: भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे पर बंद हुई बलबीर रोड, जनता परेशान

देहरादून, 28 मई:

देशभर में सड़कों पर नमाज़ पढ़ने और सार्वजनिक रास्तों को अवरुद्ध करने को लेकर छिड़े बड़े विवाद के बीच, आज राजधानी देहरादून में वीआईपी (VIP) संस्कृति की एक अलग तस्वीर देखने को मिली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन द्वारा बलबीर रोड को पूरी तरह बंद कर दिया गया। इस फैसले के बाद स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिसके चलते अब सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक प्रशासन के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।

आम जनता के लिए नियम, वीआईपी के लिए छूट?

​दरअसल, पिछले कुछ समय से कानून-व्यवस्था और यातायात का हवाला देकर सार्वजनिक सड़कों पर किसी भी तरह के धार्मिक या सामूहिक आयोजन को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। दलील दी जा रही है कि सड़कों को ब्लॉक करने से आम जनता और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को परेशानी होती है। लेकिन गुरुवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय की ओर जाने वाली मुख्य सड़क (बलबीर रोड) को वीआईपी सुरक्षा के नाम पर घंटों पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर पूरी तरह सील कर दिया गया।

व्यापारी और स्थानीय निवासी बेहाल

​बलबीर रोड बंद होने के कारण न सिर्फ वहां रहने वाले स्थानीय लोगों का अपने घरों से निकलना मुश्किल हो गया, बल्कि आसपास के दुकानदारों का व्यापार भी पूरी तरह ठप रहा। ई-रिक्शा, दुपहिया वाहनों और ऑटो को कई किलोमीटर का लंबा चक्कर काटकर अपने गंतव्य तक जाना पड़ा।

सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा

​सड़क बंद होने की तस्वीरें सामने आने के बाद प्रबुद्ध नागरिकों और विपक्षी दलों ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। लोगों का कहना है कि यदि आम जनता द्वारा सड़क रोकना गलत है, तो राजनीतिक दलों और नेताओं के दौरों के लिए मुख्य मार्गों को इस तरह बंद करना कितना जायज है? जनता का सवाल है कि वीआईपी कल्चर से आम आदमी को कब मुक्ति मिलेगी?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!